बारिश ने भी आज, सारी रात जगा दिया, और दो प्यार करने वालों की, कश्ती किनारे लगा दिया...! बारिश ने भी आज, सारी रात जगा दिया, और दो प्यार करने वालों की, कश्ती किनारे लगा द...
बारिश की रिमझिम, बूंदो से बेहाल हुई राजधानी...! बारिश की रिमझिम, बूंदो से बेहाल हुई राजधानी...!
तू बूँद-बूँद मुस्कुराती जाए, हर बूँद में अमृत बरसाती जाए...! तू बूँद-बूँद मुस्कुराती जाए, हर बूँद में अमृत बरसाती जाए...!
हल्की-हल्की रे बौछारें, मन को बहुत भाती है...! हल्की-हल्की रे बौछारें, मन को बहुत भाती है...!
मैं एक बूँद और ये मेरा सफर...! मैं एक बूँद और ये मेरा सफर...!
लिया मानसून का नज़ारा, बारिश के बूंदों के संग। लिया मानसून का नज़ारा, बारिश के बूंदों के संग।